साहित्य

पश्चिमी दिल्ली के ईरानी सिख और शिया ब्राह्मण

स्वाति शर्मा मैं ईरानी सिखों और अफ़ग़ान सिखों के साथ खेलते-कूदते हुए बड़ी हुई हूँ। वे लोग पश्तो-पंजाबी और फ़ारसी-पंजाबी

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‘भागादेवी का चायघर’ : व्यवसाय के केंद्र में स्त्री देह

डॉ.चैताली सिन्हा : युवा कवयित्री व आलोचक एस.आर.हरनोट वर्तमान में हिन्दी कथा-साहित्य में एक महत्वपूर्ण कथाकार के रूप में स्थापित

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देश को चाहिए एक सुविचारित सांस्कृतिक नीति : कमलिनी दत्त से रमेश उपाध्याय की बातचीत

कमलिनी नागराजन दत्त को मैं दूरदर्शन के केंद्र निर्माण केंद्र की निदेशक के रूप में कम और अपने कवि मित्र

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एसआर हरनोट की कहानियां और पर्वतीय श्रमिक-स्त्री-जीवन का खुरदरा यथार्थ

डॉ. चैताली सिन्हा : युवा कवयित्री व आलोचक एस.आर.हरनोट किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उनका लेखन ही उनके बहुआयामी

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महादेवी वर्मा की रचना ‘अतीत के चलचित्र’ की स्त्रियां और पितृसत्तात्मक भारतीय समाज

कविता मल्होत्रा : शिक्षा बोर्ड में कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी हिन्दी साहित्य में महादेवी वर्मा का नाम किसी परिचय का मोहताज

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‘श्रृंखला की कड़ियाँ’ के गर्भ में स्त्री-चेतना

डॉ.चैताली सिन्हा : युवा कवयित्री व आलोचक हिन्दी नवजागरण की महत्वपूर्ण लेखिका, कवयित्री, समाज सेविका, सशक्त वक्ता, संपादिका, दार्शनिक एवं

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महादेवी वर्मा की रचनात्मकता एवं हिंदी नवजागरण की भाव-भूमि

अभिषेक सौरभ : हिंदी साहित्य के शोधार्थी आधुनिक हिंदी कविता में छायावाद अपनी विशेष काव्यात्मक समृद्धि, दार्शनिक गंभीरता, शिल्पगत नवीनता,

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स्मृति की रेखाएँ : पीड़ित समुदाय के प्रति संवेदना और आक्रोश की अभिव्यक्ति

पिंकी चौहान : हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में दो विधाएँ मिलती हैं– एक गद्य और दूसरा पद्य। गद्य में विचार

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जीव-जंतुओं के प्रति करुणा जगाती महादेवी वर्मा की रचना ‘मेरा परिवार’

डॉ. चित्रा : शिक्षिका आधुनिक युग की प्रमुख कवयित्री के रूप में महादेवी वर्मा का नाम प्रख्यात हैं। अपनी काव्यात्मक

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महादेवी वर्मा और उनका रेखाचित्र संसार

गद्य जीवन संग्राम की भाषा है।निराला साधना वर्मा : हिंदी साहित्य की शोधार्थी महादेवी वर्मा ‘छायावाद’ युग के प्रमुख आलोक

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वर्तिका की नई किताब : जेलों में इंद्रधनुष बनाने की कोशिश

रामधनी द्विवेदी : वरिष्ठ पत्रकार जब मैं बरेली में दैनिक जागरण का संपादकीय प्रभारी था, मेरे क्राइम रिपोर्टर सीपी सिंह

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