जेंडर विमर्श

जेंडर विमर्शमेरा रंग

जब लिपस्टिक बन जाती है विद्रोह: पितृसत्ता के खिलाफ एक रंग

यह लेख एक साधारण दिखने वाली चीज़ लिपस्टिक को सामाजिक नियंत्रण, पितृसत्ता और व्यक्तिगत एजेंसी के बड़े सवालों से जोड़ता

Read More
जेंडर विमर्श

दूसरों को परखने से पहले उन्हें महसूस करना सीखें

मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशीलता को लेकर हमारा समाज अब भी अनेक पूर्वाग्रहों से घिरा हुआ है। हम अक्सर किसी व्यक्ति

Read More
जेंडर विमर्श

‘माँ, मैं सबके सामने नहीं रोया’ : भारतीय विज्ञापनों में गढ़ी जाती मर्दानगी

नीलिमा शर्मा नीलिमा शर्मा इस लेख में एक साधारण डिटॉल विज्ञापन के जरिए ‘मर्दानगी’ की सामाजिक परिभाषा पर सवाल उठाती

Read More