महादेवी वर्मा की रचनात्मकता एवं हिंदी नवजागरण की भाव-भूमि

Mahadevi Verma and Hindi Navjagran

अभिषेक सौरभ : आधुनिक हिंदी कविता में छायावाद अपनी विशेष काव्यात्मक समृद्धि, दार्शनिक गंभीरता, शिल्पगत नवीनता, स्वाधीनता की चेतना, सौन्दर्य चित्रण एवं मानवीय उर्जाप्रद संवेदनशीलता के लिए उल्लेखनीय है। सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, जयशंकर प्रसाद एवं सुमित्रानंदन पंत जैसे कवियों के साथ, आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हुईं महादेवी वर्मा कवयित्री के बतौर छायावाद के आधार … Read more