तसलीमा नसरीन की कहानी ‘सिंदूर’

Sindoor A story by Taslima Nasreen

भाग्य बदलने के लिए कृष्णनगर से दिल्ली चले आये थे सलिल दास।खेती की ज़मीन जैसी थी, उसे उसी रूप में ही छोड़कर। वह ज़मीन जो फ़सल दे रही थी, उससे जीवन निर्वाह करना कठिन हो रहा था। उन्होंने अपने भाई को अपनी ज़मीन बिना किसी लिखा-पढ़ी के ही दे दी थी और कहा था इस … Read more